प्रमुख विधिक सेवाएं एवं शुल्क
सभी सेवाओं में सरकारी फीस व व्यावसायिक फीस का पूर्ण पारदर्शी विवरण उपलब्ध है।
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Pvt Ltd) इनकॉर्पोरेशन
DSC, DIN, नाम स्वीकृति, MOA/AOA, पैन, टैन व करंट बैंक खाते सहित सम्पूर्ण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजिस्ट्रेशन।
सीमित देयता भागीदारी (LLP) रजिस्ट्रेशन
पार्टनरशिप की सरलता और प्राइवेट लिमिटेड की सुरक्षा (सीमित देयता) का बेहतरीन संयोजन, कम वार्षिक कंप्लायंस खर्च।
एकल व्यक्ति कंपनी (One Person Company - OPC)
एकल उद्यमियों (Solo Founders) के लिए 100% मालिकाना हक और प्राइवेट लिमिटेड जैसी कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा व सुरक्षा।
पार्टनरशिप फर्म रजिस्ट्रेशन व डीड ड्राफ्टिंग
न्यायिक स्टाम्प पेपर पर पार्टनरशिप डीड ड्राफ्टिंग, नोटरीकरण व रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स (ROF) में रजिस्ट्रेशन।
स्टार्टअप इंडिया DPIIT मान्यता व 80-IAC टैक्स छूट
3 साल की 100% इनकम टैक्स छूट (80-IAC), 80% पेटेंट छूट व सरकारी सीड फंड के लिए DPIIT प्रमाण पत्र।
ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन (TM Application) व ब्रांड सुरक्षा
व्यापक ट्रेडमार्क सर्च, 45 क्लासेज में सही क्लास चयन व ब्रांड नेम/लोगो/स्लोगन हेतु TM-A आवेदन फाइलिंग।
ट्रेडमार्क ऑब्जेक्शन रिप्लाई व हियरिंग पैरवी
धारा 9 (विशिष्टता) और धारा 11 (समानता) के तहत परीक्षक द्वारा जारी ऑब्जेक्शन नोटिस का पेशेवर विधिक उत्तर।
कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन (सॉफ्टवेयर कोड, लोगो, कंटेंट व कला)
सॉफ्टवेयर कोड, वेबसाइट डिज़ाइन, कलात्मक लोगो, पुस्तक व संगीत पर 60 वर्षों का कानूनी संरक्षण।
चेक बाउंस लीगल नोटिस (धारा 138 NI Act)
बैंक रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिनों के भीतर हाईकोर्ट अधिवक्ता द्वारा 15-दिवसीय वैधानिक मांग नोटिस।
बकाया भुगतान वसूली लीगल नोटिस (Money Recovery Notice)
ग्राहकों या वेंडरों पर बकाया इनवॉइस, पेमेंट डिले व एडवांस वापसी हेतु 18% ब्याज सहित विधिक नोटिस।
उपभोक्ता फोरम शिकायत व ऑनलाइन विवाद समाधान (Consumer Complaint)
दोषपूर्ण उत्पाद, ऑनलाइन फ्रॉड, फ्लाइट/होटल रिफंड विवाद व बीमा क्लेम रिजेक्शन के विरुद्ध उपभोक्ता अदालत में केस।
MSME समाधान 45-डे बकाया भुगतान वसूली (3x बैंक ब्याज सहित)
45 दिन में भुगतान न करने वाले बड़े खरीदारों से RBI बैंक दर के 3 गुना चक्रवृद्धि ब्याज सहित कानूनी वसूली केस।
किरायेदार निष्कासन व किराया वसूली लीगल नोटिस
किराया न देने, लीज अवधि समाप्त होने या अवैध कब्जे पर संपत्ति खाली करने व बकाया किराया वसूली का विधिक नोटिस।
नया जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GSTIN) व बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन
सटीक HSN/SAC कोड्स, दस्तावेज़ सत्यापन व आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ 100% गारंटीड GSTIN अलॉटमेंट।
FSSAI खाद्य सुरक्षा लाइसेंस (Basic, State व Central License)
रेस्टोरेंट, ढाबा, कैफे, किराना दुकान, फ़ूड मैन्युफैक्चरिंग व क्लाउड किचन हेतु 14-अंकों का आधिकारिक फ़ूड लाइसेंस।
इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड (IEC) - DGFT पोर्टल रजिस्ट्रेशन
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी आजीवन वैध 10-अंकों का इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कोड (IEC)।
शॉप & एस्टैब्लिशमेंट लाइसेंस (गुमास्ता / दुकान पंजीयन)
दुकान, शोरूम, ऑफिस या गोदाम के कानूनी अस्तित्व व करंट बैंक खाता खुलवाने हेतु अनिवार्य नगर निगम/श्रम पंजीयन।
ISO 9001:2015 क्वालिटी मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र जो सरकारी GeM टेंडर्स, कॉरपोरेट सप्लाई और एक्सपोर्ट के लिए अनिवार्य है।
कंपनी ROC एनुअल फाइलिंग (AOC-4 व MGT-7/7A)
डायरेक्टर अयोग्यता व ₹100/दिन की भारी पेनल्टी से बचने हेतु प्राइवेट लिमिटेड व OPC की वार्षिक ROC फाइलिंग।
डायरेक्टर KYC (DIR-3 KYC वेब व eForm फाइलिंग)
DIN डिएक्टिवेशन और ₹5,000 लेट फीस से बचने हेतु 30 सितंबर से पूर्व सभी डायरेक्टर्स की अनिवार्य KYC।
मासिक / त्रैमासिक जीएसटी रिटर्न फाइलिंग (GSTR-1 व GSTR-3B)
GSTR-2B से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मिलान, सटीक बिक्री विवरण व पेनल्टी मुक्त समयबद्ध मासिक फाइलिंग।
बिज़नेस इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग (ITR-3, 4 Sugam, 5 व 6)
धारा 44AD/44ADA अनुमानित कराधान या रेगुलर बुक्स रिटर्न, अधिकतम रिफंड व डिडक्शन का कानूनी लाभ।
व्यावसायिक दुकान / ऑफिस रेंट एग्रीमेंट (लीज़ डीड)
लॉक-इन पीरियड, सिक्योरिटी डिपॉजिट वापसी, वार्षिक किराया वृद्धि व विवाद समाधान क्लॉज़ युक्त मजबूत लीज डीड।
नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) - व्यापारिक गोपनीयता अनुबंध
व्यापारिक गोपनीयताओं, सोर्स कोड, क्लाइंट लिस्ट व बिजनेस फॉर्मूले की सुरक्षा हेतु विधिक बाध्यकारी अनुबंध।
कर्मचारी नियुक्ति पत्र, जॉब एग्रीमेंट व सर्विस बॉन्ड
नॉन-कंपीट, बौद्धिक संपदा स्वामित्व ट्रांसफर, प्रोबेशन, नोटिस पीरियड व डेटा सुरक्षा युक्त जॉब अनुबंध।
फाउंडर्स एग्रीमेंट व शेयरहोल्डर एग्रीमेंट (Co-Founder Contract)
इक्विटी शेयरिंग, वेस्टिंग शेड्यूल, डेडलॉक समाधान और को-फाउंडर के एग्जिट पर शेयर बायबैक की कानूनी व्यवस्था।
लीगल आवेदन बनाम अन्य ऑनलाइन पोर्टल्स
पारंपरिक पोर्टल्स में छिपे हुए शुल्क, अज्ञात कॉल सेंटर्स और जटिल अंग्रेजी फॉर्म होते हैं। लीगल आवेदन आपको स्थानीय हिंदी/क्षेत्रीय सपोर्ट, मूल सरकारी रसीदें और सत्यापित वकीलों से सीधी बातचीत देता है।
| मानक सुविधा (Feature) | Legal Avedan (माई आवेदन) | अन्य प्रतिस्पर्धी पोर्टल्स |
|---|---|---|
| सरकारी फीस की पारदर्शिता | 100% स्पष्ट, मूल चालान रसीद आपके नाम | छिपे हुए 'कंसल्टेंसी' सरचार्ज जोड़े जाते हैं |
| क्षेत्रीय भाषा व हिंदी सपोर्ट | पूर्ण हिंदी व राजस्थानी/स्थानीय भाषा में सहायता | केवल रोबोटिक अंग्रेजी IVR या चैटबॉट |
| अधिवक्ता से सीधी बातचीत | हाईकोर्ट/जिला कोर्ट प्रैक्टिसिंग एडवोकेट व सीए | टेली-कॉलर एग्जीक्यूटिव्स (कानूनी अनुभव शून्य) |
| व्हाट्सएप केस ट्रैकिंग व दस्तावेज़ | सीधे आपके व्हाट्सएप पर डिजिटल ड्राफ्ट व रसीदें | जटिल पासवर्ड और पोर्टल लॉगिन अनिवार्यता |
बार काउंसिल, ICAI व ICSI प्रमाणित विशेषज्ञों की टीम
आपके ड्राफ्ट्स और फाइलिंग्स का परीक्षण केवल पंजीकृत एडवोकेट्स (Bar Council of Rajasthan/India) और प्रैक्टिसिंग सीए/सीएस द्वारा किया जाता है ताकि 0% अस्वीकृति सुनिश्चित हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
कंपनी रजिस्ट्रेशन, ट्रेडमार्क और लीगल नोटिस से जुड़े सामान्य प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर।
क्या ट्रेडमार्क फाइल करने के तुरंत बाद मैं ™ का उपयोग कर सकता हूँ?
हाँ! जैसे ही हम IP India पोर्टल पर आपका TM-A आवेदन फाइल करते हैं और एप्लिकेशन नंबर जनरेट होता है (आमतौर पर 24 घंटे में), आप अपने ब्रांड के साथ कानूनी रूप से ™ सिंबल का उपयोग शुरू कर सकते हैं। ® सिंबल का उपयोग अंतिम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही किया जाता है।
चेक बाउंस होने पर लीगल नोटिस भेजने की अंतिम समय-सीमा क्या है?
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत, बैंक द्वारा चेक रिटर्न मेमो (Check Return Memo) जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर देनदार को लिखित लीगल नोटिस भेजना अनिवार्य है। 30 दिन बीत जाने के बाद क्रिमिनल केस फाइल करने का अधिकार समाप्त हो सकता है।
MSME 45-डे नियम के तहत खरीदार से कितना ब्याज वसूला जा सकता है?
एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 की धारा 16 के अनुसार, खरीदार को RBI बैंक रेपो रेट के 3 गुना मासिक चक्रवृद्धि ब्याज (लगभग 19.5% प्रति वर्ष) सहित भुगतान करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, धारा 43B(h) के तहत खरीदार को इस खरीदारी पर आयकर छूट भी नहीं मिलती।
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरू करने के लिए न्यूनतम कितनी पूंजी (Capital) चाहिए?
कंपनी अधिनियम 2013 में संशोधन के बाद न्यूनतम चुकता पूंजी (Minimum Paid-up Capital) की कोई सीमा नहीं है। आप मात्र ₹1,000 या ₹10,000 की अधिकृत पूंजी से भी अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरू कर सकते हैं।